अल्हड़ प्रेमका के साथ होली

 तेरे सांवले सलोने गाल उन पर लाल गुलाल। गुलाबी चेहरा उलझे बाल नजरे तेरी बनाती है जाल जाने क्यों आत्मा बेचारी लिए मन कि पिचकारी सदियों से देखें राह तुम्हारी मिलन के गीतों कि है वारी । लाज संकोच कर क्या जी सकोगे अनाड़ियों कि क्या परवाह करोगे यह परवाह वे आदर्श रोकेंगे मत करो … Read more

बंद कमरे का पाप कहानी

अंजलि आईने के सामने खड़ी होकर अपने रूप यौवन को देखकर इतरा रही थी माथे पर आई लटों को कभी इधर करती कभी उधर कभी भोहो पर छोटे से ब्रश से कोई क़ीम लगाती तब कभी औठो पर बदल-बदल कर लिपस्टिक लगाती तब कभी अपने सीने को देखकर लजाती तब कभी अपनी कटील आंखों को … Read more

कमली कि व्यथा

 वह एक वर्षांत कि रात्रि थी आसमान में मेघ ढोल नगाड़ों के साथ उत्पाद मचा रहे थे रुक रुक कर बिजली चमक रही थी बादलों के गर्जन से चारों दिशाएं कांप रही थी दूर कहीं बिजली गिरी थी उसी के साथ बिजली चली गई थी शायद कहीं तार फाल्ट हों गये थें तभी तो सारा … Read more

अपाहिज पति कि पत्नी

 संध्या का समय था वातावरण में कोहरा छाया हुआ था ठंड में हाथ पैर कंपकंपा रहे थे किसान अपने खेतों के काम निपटा कर मवेशियों को लेकर घर लौट रहे थे गोधूलि आसमान को छू रहीं थीं परन्तु कोहरे के कारण दिखाई नहीं दे रही थी गाएं नवजात बछड़े को दूध पिलाने के लिए व्याकुल … Read more

अपाहिज पति कि पत्नी

संध्या का समय था वातावरण में कोहरा छाया हुआ था ठंड में हाथ पैर कंपकंपा रहे थे किसान अपने खेतों के काम निपटा कर मवेशियों को लेकर घर लौट रहे थे गोधूलि आसमान को छू रहीं थीं परन्तु कोहरे के कारण दिखाई नहीं दे रही थी गाएं नवजात बछड़े को दूध पिलाने के लिए व्याकुल … Read more

कमली कि व्यथा

वह एक वर्षांत कि रात्रि थी आसमान में मेघ ढोल नगाड़ों के साथ उत्पाद मचा रहे थे रुक रुक कर बिजली चमक रही थी बादलों के गर्जन से चारों दिशाएं कांप रही थी दूर कहीं बिजली गिरी थी उसी के साथ बिजली चली गई थी शायद कहीं तार फाल्ट हों गये थें तभी तो सारा … Read more

एस्कार्ट सर्विस का माया जाल कहानी

पिछली तीन कोरोना लहर में बहुत सारे परिवारों ने अपनों को खोया किसी ने मां को तब किसी ने पिता,भाई बहिन पति पत्नी खोने वाले लोगों का दर्द कोई भी साझा नही कर सकता जानें वाले तो चले गए छोड़ गए यादें यादें । मिस्टर अजीत नौ सेना में अधिकारी थे जीवन के अनेक वर्ष … Read more