आख़री सेल्फी मोबाइल का गलत इस्तेमाल कहानी

सजना संवरना हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है पर मौजूदा समय मोबाइल फोन का हैं पहले सजना संवरना फिर सेल्फी पोज लेना अजी इसके मजे ही अलग है जैसे कि विभिन्न प्रकार से सेल्फी लेना कभी पार्क में, तब कभी घर के छत पर ,तब कभी , मोटरसाइकिल के साथ तब कभी कार में,या फिर रेलगाड़ी में या फिर हवाई जहाज मैं सभी के शौक निराले हैं फिर क्या कहें कोई कोई तो खाली चेहरे का वह भी विभिन्न हाव भाव के साथ फिर कोई तो खासकर अपने बाल सीना मोटी मोटी भरी हुई बाहें फिर कोई तो सारे शरीर कि नुमाइश कर के फिर लड़कियों का क्या कहना वह तो लिपस्टिक पाउडर लगा कर कभी खाली पतले पतले गुलाबी होंठ फिर कभी पूरा चेहरा मुस्कुराते हुए जैसे कि गुलाब का फूल मुस्कुराए जा रहा हों फिर कभी कमर से ऊपर तक जिसमें उनका कठोर सीना खासकर दिखाई दे रहा हों फिर कभी कमर तक खुले बालों के साथ फिर कभी कम कपड़ों में ,या फिर साड़ी या फिर सलवार कुर्ता जींस टी शर्ट , और हां जो शादी शुदा है बे अपने पति बच्चों के साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें तब तक उनका भोजन नहीं पचता फिर मोबाइल फोन को खोलकर किसने कमेंट किया किया क्या लिखा प्रशंसा कि या फिर कोई आलोचना कि प्रशंसा वाली सच्ची सहेली आलोचना करने वाले दुश्मन सच जितनी प्रशंशा मिलती है जी अच्छा रहता है फिर रोटी भी ज्यादा खाती है और फिर अगर आलोचना मिली तब फिर सिर दर्द टेंशन आदि बीमारी देह को जकड़ लेती है खैर यह तो उनकी समस्या है ।

यूं तो इन्दौर के आस पास बहुत सारे पर्यटन स्थल है जहां पर साल भर सैलानी का आना जाना लगा रहता है जैसे कि रानी रूपमती बाज बहादुर महल मांडू जो कि उस समय कि प्रेम कहानी का आज भी मांडू में प्रतीक चिन्ह के रूप में ३५००फिट ऊपर पहाड़ पर महल मौजूद हैं अब कहानी पर आते हैं ।

इन्दौर से कुछ किलोमीटर दूर स्थित है पाताल पानी वह एक टेकिंग जगह भी है आसपास के पहाड़ जंगल जमीन उसके मनोरम दृश्य को चार चांद लगाते है फिर बर्षा रितु में तीन सो फिट का झरना जो एक प्राकृतिक कुंड में गिरकर फिर आगे नदी में समा जाता है उसका सौंदर्य देखने का अलग ही आनंद है ।

मिस गरिमा नै पेसे से डाक्टर थी शहर में अपना क्लिनिक था आमदनी अच्छी थी जीवन के तीस बसंत देख चुकी थी पर अभी तक अविवाहित थी हालांकि उन्होंने इस बीच तीन चार बॉयफ्रेंड बनाए थे जो जैसे कि फूल से भोरे पराग कण रस चूस कर वापिस फूल को अकेला छोड़ देते हैं वहीं उनके साथ हुआ था हालांकि पक्का तो नहीं कहा जा सकता था कि उन्होंने बॉयफ्रेंडो का इस्तेमाल किया था या फिर उन लढको ने पर यह पक्का था कि उन्हें फिजिकल रिलेशन का सुख भरपूर मिला था तभी तो उनकी देह भरी हुई थी देह पर अजीब तरह कि कशिश थी हालांकि वह जन्म से ही सुंदर थी जैसे कि लम्बा कद छरछरा बदन पतली कमर गुलाबी पतले पतले ओंठ कंटीली आंखें लम्बी सुराहीदार गर्दन कठोर सुडोल सुगठित सीना आदि उनकी सुंदरता को देखकर यूं तो उनको चाहने वाले लाखों लोग थें कुछ तो उनकी जूतियां भी साफ करने को राजी थें परन्तु बे भाव नहीं देती थी उनके सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर लाखों फॉलोअर्स थें जो उनसे आइ लव यू अनेकों बार कह चुके थे पर उन्हें उनकी प्रोफाइल से कोई भी रूचि नहीं थी उन्हें तो सीधे साधे लड़के कि ही चाहत थी जिसे वह जीवन साथी के रूप में चुनाव करना चाहती थी पर वह बात अलग थी कि उनके जीवन में पांच छः पुरूष आए थे जिनसे उन्होंने दैहिक सुख भरपूर लिया था फिर भी बे भावनात्मक रूप से उनके साथ जुड़ा हुआ महसूस नहीं करती थी एक दिन एक जूनियर डाक्टर उनके पास नौकरी मांगने आया था उसे देखकर वे चौंक गयी थी उस का नाम कामदेव था उम्र में वह उनसे चार पांच साल छोटा था देखने में बहुत ही खूबसूरत लग रहा था भरी हुई देह थी लम्बा कद था शालीन व मधुर व्यवहार था उसे बे दिल दे बैठी थी हालांकि उम्र का अन्तर था पर कहते हैं कि प्यार उम्र का बंधन नहीं …

कुछ ही समय में दोनों ही लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगें थें दोनों ही एक दूसरे को टूटकर चाहने लगे थे एक दूसरे पर जान छिड़कते हुए खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे थे पर कहते हैं कि इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपता उनके विन व्याह के यू साथ साथ रहना चर्चा का विषय बन गया था लोग तरह तरह कि बातें करते थें फिर क्या यह खबर दोनों ही के माता पिता को मिल गई थी थोड़ी बहुत नाराजगी के बाद परिवार ने इस रिश्ते को समाजिक रूप से शादी कराने का ं निश्चय किया हुआ था पंडित जी को बुलाया गया था व्याह का शुभ मुहूर्त देखा जा रहा था पर चूंकि वर्षा ऋतु में शादी व्याह के मूहर्त कभी कभी ही निकलते हैं तभी तो यह व्याह देव उठनी ग्यारस के बाद ही होना था किसी को कोई भी आपत्ति नहीं थी इस बीच के समय में डाक्टर लड़के के माता पिता ने बहू के लिए नया आलीशान बंगला बना कर उसे उपहार में देने का निश्चय किया हुआ था तभी तो शहर कि पाश कालोनी में जहां पर उनका चौबीस सो फिट का प्लाट था उसका बंगला निर्माण का काम चालू कर दिया था बंगला कि डिज़ाइन शहर के जाने माने आर्किटेक्ट ने तैयार कि थी कुल मिलाकर दोनों के ही माता पिता शादी कि तैयारी कुछ अलग ही ढंग से कर रहे थे वह शहर में इस शादी को यादगार बनाना चाहते थे ।

वह यही बरसात के दिन थे मेघ रूक रूक कर अपनी अनमोल बूंद धरती पर बिखरे हुए थे चूंकि शनिवार कि शाम थी या यू कहे अर्ध रात्रि होने जा रही थी ऐसे रंगीन मौसम में कामदेव मिस गरिमा दोनों ही विस्तर पर चिपटे हुए थे शायद कुछ नया आंनद पाना चाहते थे शायद आत्मा को परमात्मा से लीन करना चाहते थे शायद संभोग से समाधि में जाना चाहते थे कूछ देर बाद उन्हें परमानंद कि प्राप्ति हो गई थी फिर उखड़ी हुई सांसों को दुरुस्त होने के बाद मिस गरिमा नै कहा था कामदेव कल ऐतवार का दिन है क्लीनिक बंद रहेगा हम कल पाताल पानी जा रहे हैं मौसम बहुत ही खूबसूरत है सुहावना हैं जंगल हरा भरा हैं मोर नृत्य कर रहे हैं मेंढक ढोलक बजा रहा है झींगुर हारमोनियम पेड़ पौधों के पत्ते गिटार पर साथ दे रहे हैं पानी के झरने मधुर संगीत अलाप रहे हैं वह हमें अपना हुनर दिखाने के लिए बुला रहें हैं हमें निमंत्रण दे रहे हैं ।

तय कार्यक्रम के अनुसार कार से यह युवा जोड़ा पाताल पानी के लिए रवाना हुआं था रास्ते में उन्होंने वाइन जैसे कि उन्होंने ब्रांड की बोतल खरीद ली थी फिर कुछ स्नेक्स तला हुआ चीकन सोड़ा गिलास पानी .. सूनसान जगह देखकर कार में ही दो दो पटियाला पेग हलक में उतार लिए थे फिर वह पाताल पानी पहुंच गए थे चूंकि ऐतवार के दिन वहां पर मेला जैसा नजारा रहता है आसपास बहुत ही दुर्लभ दृश्य रहते हैं पर्यटक उन्हें देखकर चकित रह जाते हैं फिर बहुत सारी दुकानें भी हैं जिससे कि सैलानी को हर प्रकार कि जरूरत कि चीजें मिल जाती है ।

मिस गरिमा कामदेव पाताल पानी पहुंच गए थे वहां का मनोरम दृश्य देख कर खुश थे युवा जोड़े हर प्रकार से आंनद ले रहे थे कोई जोड़ा तो झाड़ियों के बीच में बैठ कर आपस का मनमुटाव दूर कर रहे थे फिर कोई जोड़ा एक दूसरे को चूमते हुए अपना प्यार का इज़हार कर रहे थे फिर कोई जोड़ा एक दूसरे कि देह पर अपने ओंठ से दस्तक कर रहे थे कुछ जोड़े तों छिपकर शराब व सिगरेट का आनन्द ले रहे थे मिस गरिमा व काम देव ने भी कार में बैठ कर बोतल खत्म कर दी थी नशा दिमाग पर हावी हो गया था तभी तो मिस गरिमा कार से बाहर निकल कर उन्मुक्त पंछी जैसे उड़ना चाहती थी मोर के साथ नृत्य करना चाहतीं थी और उन्होंने कामदेव के साथ पर्यटन स्थल का एक चक्कर लगाया था फिर वह झरने के नजदीक पहुंच गयी थी एक कमजोर चट्टान पर खड़ी हो कर कामदेव के साथ सेल्फी पोज ले रहीं थीं सहसा उन दोनों का बैलेंस बिगड़ गया था और वे दोनों मोबाइल फोन सहित पाताल पानी में समां कर पाताल लोक पहुंच गए थे परमेश्वर के पास ।

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1 thought on “आख़री सेल्फी मोबाइल का गलत इस्तेमाल कहानी”

  1. मोजूदा समय इंटरनेट का है हर हाथ में मोबाइल फोन है जिससे खुद कि सेल्फी लेना फिर उसे अपने दोस्तों को शेयर करना आम बात है पर जो भी सैलानी पर्यटन स्थल पर नशा कर के नदी या झरना पहाड़ी पर सेल्फी पोज लैते है वह गलत है

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