धन्यवाद कोरोनावायरस आप ने सही न्याय किया लेख।

 धन्यवाद कोरोनावायरस आप ने सही समय पर दस्तक दी थी सही समय पर सही न्याय किया , सभी वर्ग, धर्म, मज़हब,पंथ,सभी देशों को बराबर समझा था जो देश अपने आप को ताकतवर समझते थे जिनके पास अकूत संपत्ति थी जिनके पास समय से हजारों साल आगे कि टैक्नोलॉजी थी उस टैक्नोलॉजी से हजारों साल पीछे … Read more

धन्यवाद कोरोनावायरस आप ने सही न्याय किया लेख।

धन्यवाद कोरोनावायरस आप ने सही समय पर दस्तक दी थी सही समय पर सही न्याय किया , सभी वर्ग, धर्म, मज़हब,पंथ,सभी देशों को बराबर समझा था जो देश अपने आप को ताकतवर समझते थे जिनके पास अकूत संपत्ति थी जिनके पास समय से हजारों साल आगे कि टैक्नोलॉजी थी उस टैक्नोलॉजी से हजारों साल पीछे … Read more

तमाचा समाजिक लघुकथा

मिसेज शालीन मिस्टर अभिषेक के छोटे बेटे का व्याह हों गया था दंपति शहर के जाने माने पैसे वाले लोगों में गिने जाते थे अपने धन दौलत का दिखावा करने के लिए उन्होंने  तीन दिन बाद सामूहिक भोज का आयोजन रखा था इसके लिए  बढ़ा गार्डन किराए से लिया गया था गार्डन को भी दुल्हन … Read more

तमाचा समाजिक लघुकथा

मिसेज शालीन मिस्टर अभिषेक के छोटे बेटे का व्याह हों गया था दंपति शहर के जाने माने पैसे वाले लोगों में गिने जाते थे अपने धन दौलत का दिखावा करने के लिए उन्होंने  तीन दिन बाद सामूहिक भोज का आयोजन रखा था इसके लिए  बढ़ा गार्डन किराए से लिया गया था गार्डन को भी दुल्हन … Read more

Lock down के दौरान मेरे जीवन का एक दिन निबंध

 घर बंदी के पहली कोरोनावायरस कि लहर को आज भी भूला नहीं पा रहा हूं शायद यह मानव इतिहास का पहला घर जैल था हालांकि हम मानवों ने अपने निजी हितों के लिए जल जंगल जमीन का दोहन किया जमीन के अंदर से गैस खनिज पदार्थ डीजल पेट्रोल कोयला निकाला, समुद्र के पानी को रीसाइक्लिंग … Read more

Lock down के दौरान मेरे जीवन का एक दिन निबंध

घर बंदी के पहली कोरोनावायरस कि लहर को आज भी भूला नहीं पा रहा हूं शायद यह मानव इतिहास का पहला घर जैल था हालांकि हम मानवों ने अपने निजी हितों के लिए जल जंगल जमीन का दोहन किया जमीन के अंदर से गैस खनिज पदार्थ डीजल पेट्रोल कोयला निकाला, समुद्र के पानी को रीसाइक्लिंग … Read more

मेरे सबसे अच्छे दोस्त के साथ बिताए कुछ पल संस्मरण

 यूं तो दोस्ती का आजकल के अर्थ युग में निर्वाह करना मुश्किल काम है दोस्त चाहते हुए भी एक दूसरे का साथ नहीं दे पाते हैं उसका कारण यह है कि हर रिश्ते को लाभ हानी के तराजू पर तौल दिया जाता है परन्तु कुछ दोस्त आज भी ऐसे हैं जिन्हें लाभ हानी गरीब अमीर … Read more

मेरे सबसे अच्छे दोस्त के साथ बिताए कुछ पल संस्मरण

यूं तो दोस्ती का आजकल के अर्थ युग में निर्वाह करना मुश्किल काम है दोस्त चाहते हुए भी एक दूसरे का साथ नहीं दे पाते हैं उसका कारण यह है कि हर रिश्ते को लाभ हानी के तराजू पर तौल दिया जाता है परन्तु कुछ दोस्त आज भी ऐसे हैं जिन्हें लाभ हानी गरीब अमीर … Read more

” घर “कुशल गृहिणी जो कोरोनावायरस के कठिन समय में पति आर्थिक स्थिति से जूझ रहा था वाहर निकाल लाई

रविवार कि सुबह  सूर्य उदय का समय था मिस्टर नरेश मजूमदार फ्लेट कि बालकनी से सूर्य उदय उदय कि अलौकिक आभा को देखकर रोमांचित हो रहें थें गोल गोल मटोल घेरे में विभिन्न रंग जैसे कि जीवन कि दशा दिशा का जीने का निर्देशन कर रहे थे वह भावों में खोए हुए थे कि तभी … Read more

” घर “कुशल गृहिणी जो कोरोनावायरस के कठिन समय में पति आर्थिक स्थिति से जूझ रहा था वाहर निकाल लाई

रविवार कि सुबह सूर्य उदय का समय था मिस्टर नरेश मजूमदार फ्लेट कि बालकनी से सूर्य उदय उदय कि अलौकिक आभा को देखकर रोमांचित हो रहें थें गोल गोल मटोल घेरे में विभिन्न रंग जैसे कि जीवन कि दशा दिशा का जीने का निर्देशन कर रहे थे वह भावों में खोए हुए थे कि तभी … Read more

” दो गज कि दूरी ” लालची सेठ की कहानी

यूं  सेठ लछमी चंद को रूपयों पैसे कि कोई भी तंगी नहीं थी भगवान का दिया हुआ सब कुछ था दर्जनों  कारे  बंगले थे हजारों  करोड़ रुपए कि (रियल एस्टेट) कम्पनी के मालिक थे  अनेकों शहरों में व्यापार फैला था सेकंडों नोकर चाकर थे पावर इतना कि बढ़े बढ़े मंत्री चाय पीने को आते थे … Read more

” दो गज कि दूरी ” लालची सेठ की कहानी

यूं सेठ लछमी चंद को रूपयों पैसे कि कोई भी तंगी नहीं थी भगवान का दिया हुआ सब कुछ था दर्जनों कारे बंगले थे हजारों करोड़ रुपए कि (रियल एस्टेट) कम्पनी के मालिक थे अनेकों शहरों में व्यापार फैला था सेकंडों नोकर चाकर थे पावर इतना कि बढ़े बढ़े मंत्री चाय पीने को आते थे … Read more