कैदी पुरुष विमर्श पर चर्चा

 भादों कि अंधियारी रात में बादल गरजते हुए चमकते हुए धरती पर मोटी मोटी बूंदें बिखेर रहे थे वातावरण में मेंढक झींगुर कि मिलीं जुली आवाजे सुनाई दे रही थी कहीं कहीं दूर रोने जैसी आवाजें सुनाई दे रही थी शायद कोई कुत्ता रो रहा था ऐसे ही समय में जेल कि चारदीवारी के अन्दर … Read more

कैदी नंबर 376 पुरुष विमर्श पर आधारित कहानी

भादों कि अंधियारी रात में बादल गरजते हुए चमकते हुए धरती पर मोटी मोटी बूंदें बिखेर रहे थे वातावरण में मेंढक झींगुर कि मिलीं जुली आवाजे सुनाई दे रही थी कहीं कहीं दूर रोने जैसी आवाजें सुनाई दे रही थी शायद कोई कुत्ता रो रहा था ऐसे ही समय में जेल कि चारदीवारी के अन्दर … Read more

कैदी नंबर 376 पुरुष विमर्श पर आधारित कहानी

 भादों कि अंधियारी रात में बादल गरजते हुए चमकते हुए धरती पर मोटी मोटी बूंदें बिखेर रहे थे वातावरण में मेंढक झींगुर कि मिलीं जुली आवाजे सुनाई दे रही थी कहीं कहीं दूर रोने जैसी आवाजें सुनाई दे रही थी शायद कोई कुत्ता रो रहा था ऐसे ही समय में जेल कि चारदीवारी के अन्दर … Read more

लिव इन रिलेशनशिप जज़्बात कि कहानी

भोर का समय था मंदिरों में पूजा-अर्चना चल रही थी लाउडस्पीकर पर आरती सुनाई दे रही थी कहीं दूर मुर्ग बाग लगा रहा था पेड़ों पर पंछी चहचहा रहें थे मानों इंसान को जगाने का प्रयास कर रहे हों कि उठो देखो शुवह का सुर्य देव का उदय होने का नजारा कितना सुंदर है लालिमा … Read more