झोली भर खुशियां युवा विधवा नारी कि कहानी

बेटी तेरी उम्र ही क्या है पच्चीस में ही तो चल रही है एक बच्चे कि ही तो मां है देख बेटी मेरी बात मान ले तेरी सारी उम्र अभी पड़ी है जीवन कि कठिन डगर बहुत दुःख दाइ हैं तू कह तब मैं रिश्ते कि बात करूं विनीता से उसकी सास ने कहा था … Read more

बुरे काम का बुरा नतीजा अय्याश मां जो बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ भाग गई

सांध्य काल का समय था वातावरण में ठंडक मौजूद थी चूंकि जाड़े के दिन थें पिछले दो तीन दिन से शीत लहर चल रही थी जो हाड़ कंपा देने वाली थी ऐसे ही मौसम में राकेश मोटरसाइकिल से दफ्तर से घर के लिए रवाना हुआं था हालांकि उसके देह पर गर्म कपड़े थे कानों पर … Read more

“झोली भर खुशियां युवा विधवा नारी कि कहानी

ज्ञ बेटी तेरी उम्र ही क्या है पच्चीस में ही तो चल रही है एक बच्चे कि ही तो मां है देख बेटी मेरी बात मान ले तेरी सारी उम्र अभी पड़ी है जीवन कि कठिन डगर बहुत दुःख दाइ हैं तू कह तब मैं रिश्ते कि बात करूं विनीता से उसकी सास ने कहा … Read more

“झोली भर खुशियां युवा विधवा नारी कि कहानी

बेटी तेरी उम्र ही क्या है पच्चीस में ही तो चल रही है एक बच्चे कि ही तो मां है देख बेटी मेरी बात मान ले तेरी सारी उम्र अभी पड़ी है जीवन कि कठिन डगर बहुत दुःख दाइ हैं तू कह तब मैं रिश्ते कि बात करूं विनीता से उसकी सास ने कहा था … Read more

लिव इन रिलेशनशिप जज़्बात कि कहानी

भोर का समय था मंदिरों में पूजा-अर्चना चल रही थी लाउडस्पीकर पर आरती सुनाई दे रही थी कहीं दूर मुर्ग बाग लगा रहा था पेड़ों पर पंछी चहचहा रहें थे मानों इंसान को जगाने का प्रयास कर रहे हों कि उठो देखो शुवह का सुर्य देव का उदय होने का नजारा कितना सुंदर है लालिमा … Read more