ससुर जी कि तुलसी चाय लघु कथा

सलोनी कॉलेज निजी कॉलेज में प़ोफेसर पद पर आसीन  थी  वही  पति  सुबोध  किसी कंपनी में  सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत  थे  ऐसे में  दोनों का  आफिस टाइम  अलग अलग  होता  था  ज्लदी उठकर पहले वह पति के लिए  नाश्त लंच के लिए  टिफिन पैक करती  व झट-पट बाकि घर के काम  निपटाने  लगती  … Read more

“मृत्यु का डर ” कर्मों कि पुनरावृति

सेठ कर्म चन्द के पास यूं तो भगवान की कृपा से सब कुछ था चार बेटे थें सुंदर समझदार बहूएं थी नाती नातिन थें भरा पूरा परिवार था बड़ा कारोबार था नौकर चाकर गाड़ी बंगला सब कुछ था परन्तु फिर भी उनके मन में डर समाया हुआ था दरअसल उन्हें सपने में कभी अपनी मृत … Read more

“मृत्यु का डर ” कर्मों कि पुनरावृति

 सेठ कर्म चन्द के पास यूं तो भगवान की कृपा से सब कुछ था चार बेटे थें सुंदर समझदार बहूएं थी नाती नातिन थें भरा पूरा परिवार था बड़ा कारोबार था नौकर चाकर गाड़ी बंगला सब कुछ था परन्तु फिर भी उनके मन में डर समाया हुआ था दरअसल उन्हें सपने में कभी अपनी मृत … Read more