निराला अद्भुत प्यार कविता

 प़भु तेरी प़ेम भरी मुस्कान से तेरी प़ेम से भरी जवान से में हृदय से धन्य हो गया चाहें जब चाहे जहां सुन्दर सुहावने स्वप्न में खो गया यदि तू नहीं होता ये तेरा स्नेह नही होता कब का हार गया होता कब का इस नश्वर संसार से मुंह मोड़ कर चला गया होता ओ … Read more