प़ेम के दो शब्द अध्यात्म कविता

 प्रभु कब करोगे कृपा मुझ पर कब कब तड़पा तड़पा मेरी भावनाओं को तपायोगे झुलाते जाओगे कब तक मेरे नयन को रोज अपनी तरफ अपने दर कि तरफ शुवह शाम दोपहर  आधी रात तुम रहो या न रहो  फिर भी देखने को वाट जोहने को छटपटाहट को मजबूर करते रहोगे कब तक मुझे देख मेरी … Read more

अपनी पहचान

 सूर्य दिशा कि पहचान क्या सूरज के उदय होने से हैं सूर्य नही निकलेगा न ही सुबह कि लालमा रहती तब क्या चांद का राज ही रह जाता क्या सूर्य दिशा का पता ही नहीं रहता प़शन है आपसे आपके अतीत से आपके वर्तमान से आपके सुनहरे भविष्य से  जिसे आप संजोए हुए है  सुखद … Read more

कूप मनडूक

 सागर से बाहर निकल मेंढक इत्तफाक से फुदकते फुदकते कुएं में आ गया आते ही नयी जगह देख घबरा गया  थोड़ी देर बाद सचेत हों उसने  आस पास नजर दौड़ाई  सागर में पले बड़े  लम्बे प्रवास कि याद आईं  तभी उसे कूप मडूक नजर आया  नव आगंतुक को देख मुस्कुराया  बोला धीर गंभीर हो हुजूर … Read more

” गरीबा कि दीपावली ” गरीब मजदूर के शोषण कि कहानी

यूं कोरोनावायरस ने सेठ साहूकारों कि दीवाली फीकी कर दी थी फिर भला दिहाड़ी मजदूरों कि क्या धनतेरस का दिन था कहते हैं इस दिन लक्ष्मी जी का धनाढ्य घर से गरीब घर में पदार्पण होता है या नहीं होता है यह तो आस्था का विषय है या यो कहें कर्म का लेखा जोखा है … Read more

काला गुलाबअध्यात्म से जोड़ता काव्य संग्रह

ओ गुलाब तुम रह गये कि में तुम्हें छोड़ आया यहां बहुत खोजा तुम्हें पर तुम नहीं मिले तो बहुत पछताया । मैंने सोचा चलो तुम्हारे अन्य साथियों से मिल कर बात करूं फूल तुम किसी दूसरे फूल से तुम्हारी शिकायत करूं पर यहां न गैंदा न चमेली न जुटी कोइ भी नजर नहीं आएं … Read more

काला गुलाब भाग एक

ये काले ग़ुलाब   तेरा पौधा कहां है । पत्तियां झाड़ियों में हैं  कि नहीं कौन बताएगा । तेरे संघर्ष का तेरे त्याग का पुरस्कार बना परमात्म का एक लाल रंग से रंगा  अनेकों पंखुड़ियों कि जतन से  एक ऊपर से  गाता सा  इठलाता सा  मुस्कुराता फूल नजर आया । ओ ग़ुलाब के फूल  तुमने … Read more

काला गुलाब भाग एक

ये काले ग़ुलाब तेरा पौधा कहां है । पत्तियां झाड़ियों में हैं कि नहीं कौन बताएगा । तेरे संघर्ष का तेरे त्याग का पुरस्कार बना परमात्म का एक लाल रंग से रंगा अनेकों पंखुड़ियों कि जतन से एक ऊपर से गाता सा इठलाता सा मुस्कुराता फूल नजर आया । ओ ग़ुलाब के फूल तुमने हां … Read more